गर्भवती महिला के रोने से नवजात शिशु पर क्या प्रभाव पड़ता है?
गर्भावस्था में भावनाएं बहुत उथल-पुथल करती हैं। कई बार छोटी-छोटी बातों पर आंसू छलक पड़ते हैं, और यह पूरी तरह सामान्य है। एक गर्भवती महिला के रोने से सीधे तौर पर भ्रूण पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ता, खासकर अगर यह कभी-कभार होता है। आंसू निकलना आपके तनाव को कम कर सकता है और मन को हल्का भी बनाता है।
लेकिन, अगर गहरा दुख, चिंता या डिप्रेशन लंबे समय तक बना रहे, तो यह गर्भ में पल रहे शिशु के लिए चिंता का विषय हो सकता है। एक 2016 की अध्ययन के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक एंग्जायटी और डिप्रेशन प्री-टर्म डिलीवरी या कम जन्म वजन के बच्चे का कारण बन सकते हैं। हार्मोनल परिवर्तन और तनाव से निकलने वाले केमिकल्स भ्रूण के विकास पर प्रभाव डाल सकते हैं।
इसलिए, गर्भवती महिलाओं को अपने मन की अवस्था पर ध्यान देना चाहिए। परिवार और समाज का सहयोग इस दौर में खास अहमियत रखता है। अगर महिल
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