गायन में आवाज़ की सीमाएँ: ऊँचे और नीचे सुर
संगीत की दुनिया में हर इंसान की आवाज़ की अपनी एक खास सीमा और पहचान होती है। जैविक बनावट के कारण आमतौर पर महिलाओं की गायन आवाज़ पुरुषों की तुलना में थोड़ी अधिक ऊँची होती है। संगीत और स्वर विज्ञान के अनुसार, महिला और पुरुष दोनों की आवाज़ों को उनके सुरों के विस्तार के आधार पर मुख्य श्रेणियों में बाँटा गया है।
महिलाओं की बात करें तो सबसे ऊँची आवाज़ को सोप्रानो (Soprano) कहा जाता है, जो संगीत के C6 नोट तक पहुँच सकती है। वहीं, महिलाओं में सबसे गहरी या नीची आवाज़ को कॉन्ट्राल्टो (Contralto) कहा जाता है, जो नीचे E3 नोट तक जाती है।
दूसरी ओर, पुरुषों की आवाज़ में भी गहरा और ऊँचा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। पुरुषों में सबसे ऊँची आवाज़ काउंटरटेनर (Countertenor) की होती है, जो मुख्य रूप से फालसेटो (Falsetto) तकनीक के ज़रिए E5 नोट तक पहुँच सकती है। वहीं, पुरुषों की सबसे नीची और भारी आवाज़ को बास (Bass) कहा जाता है, जो नीचे E2 नोट तक गिर सकती है।
इस प्रकार स्वर रज्जु (vocal cords) की लंबाई और मोटाई के आधार पर हर गायक की ऊँचे और नीचे सुर साधने की क्षमता अलग-अलग होती है।
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