असम में चाय की खेती: एक विशाल पहचान

भारत में जब भी चाय की बात आती है, तो सबसे पहले असम का नाम जेहन में आता है। यह बात बिल्कुल सच है कि देश में सबसे ज्यादा चाय का उत्पादन असम में ही होता है। यहां की आबोहवा, उपजाऊ मिट्टी और भारी बारिश चाय के पौधों के विकास के लिए एकदम सही माहौल तैयार करती है।

आंकड़ों के मुताबिक, असम में लगभग 2.33 लाख हेक्टेयर जमीन पर सिर्फ चाय की खेती की जाती है। इस बड़े पैमाने पर होने वाले उत्पादन के कारण असम अकेले विश्व के कुल चाय बाजार की करीब 22% जरूरतें पूरी करता है। यहां की हरी-भरी घाटियों में फैले चाय के बागान न केवल देश-विदेश के लोगों को आकर्षित करते हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी हैं।

इन विशाल बागानों को संभालना कोई आसान काम नहीं है। इस उद्योग की सफलता के पीछे वहां काम करने वाले मेहनती लोगों का बहुत बड़ा हाथ है। असम के इन चाय बागानों में लगभग 8 लाख मजदूर दिन-रात काम करते हैं, जिनकी मेहनत की बदौलत हमारी हर सुबह की चाय की प्याली तक पहुंचती है।

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