चाय: भारत की एक महत्वपूर्ण बागानी फसल

चाय भारत की प्रमुख बागानी फसलों में से एक है। यह उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगाई जाती है, खासकर असम, दार्जिलिंग, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में। चाय के पौधे लंबे समय तक उपज देते हैं, इसलिए इसे बागानी फसल माना जाता है — यानी जिन फसलों को लंबे समय तक खेतों में उगाया जाता है और नियमित तौर पर कटाई की जाती है।

इसके अलावा, कॉफी, नारियल, रबड़, इलायची, मिर्च और हल्दी भी बागानी फसलों की श्रेणी में आते हैं। ये फसलें आमतौर पर नम जलवायु और उपजाऊ मिट्टी की मांग करती हैं। भारत में चाय का उत्पादन न केवल देशी खपत को पूरा करता है, बल्कि विदेशों में भी बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है।

चाय की खेती में बहुत मेहनत लगती है। पत्तियों को हाथ से तोड़ा जाता है और फिर उन्हें सूखाकर, छांटकर और पैक करके बाजार में भेजा जाता है। देश के कई हिस्सों में चाय के कारखाने भी लगे हुए हैं

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