चाय शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई?

चाय—यह शब्द सुनने में तो बिल्कुल हिंदी जैसा लगता है, लेकिन असल में यह हिंदी का मूल शब्द नहीं है। यह शब्द चीनी भाषा से आया है। दरअसल, चाय को चीन में ही पहली बार पीने की आदत बनी थी और वहाँ के लोग इसे चा या तेह कहते थे। जब यूरोपीय व्यापारी, खासकर पुर्तगाली और डच, 16वीं-17वीं शताब्दी में चीन से चाय को दुनिया भर में ले आए, तो वे भी इसे अपनी भाषाओं में लगभग उसी नाम से जानने लगे।

भारत में चाय के आगमन का श्रेय अंग्रेजों को जाता है, जिन्होंने इसकी खेती असम और दार्जिलिंग जैसे क्षेत्रों में शुरू की। लेकिन नाम के लिहाज से, हमने चा या तेह से आगे बढ़कर चाय शब्द अपना लिया। यह नाम इतना जड़ गया कि आज हर कोई, चाहे वह दिल्ली में हो या दक्षिण भारत में, इसे चाय ही कहता है।

तो अगली बार जब आप चाय की चुस्की लें, तो याद रखिए—यह नाम सिर्फ एक पेय को नहीं, बल्कि चीन की सदियों पुरानी संस्क

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