चावल की भूसी का तेल: सेहत और स्वाद का सही संतुलन

भारतीय रसोई में तेल का चुनाव हमेशा से सेहत के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा है। पिछले कुछ वर्षों में चावल की भूसी का तेल (Rice Bran Oil) एक लोकप्रिय और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बनकर उभरा है। एशियाई देशों में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होने वाला यह तेल अब दुनिया भर में अपनी खासियतों के लिए पसंद किया जा रहा है।

यह तेल धान की ऊपरी परत, यानी चावल के जर्म (अंकुराणु) और अंदरूनी भूसी से तैयार किया जाता है। चावल को साफ करते समय जो भूसी निकलती है, उसे विशेष प्रक्रिया द्वारा रिफाइन करके यह पौष्टिक तेल निकाला जाता है।

चावल की भूसी के तेल की सबसे बड़ी खासियत इसका उच्च धूम्र बिंदु (High Smoke Point - 254 °C) है। इसका मतलब है कि बहुत तेज आंच पर पकाने या तलने पर भी यह तेल आसानी से जलता नहीं है और न ही इसके हानिकारक तत्व भोजन में घुलते हैं। इसी वजह से गहरे तलने (Deep Frying) और उच्च-तापमान पर खाना बनाने के लिए इसे सबसे उत्तम माना जाता है।

स्वाद में हल्का होने के कारण यह भोजन के प्राकृतिक स्वाद को बनाए रखता है और खाना ज्यादा तेल नहीं सोखता। इसके अलावा, इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटी-ऑक्सीडेंट्स और ओरिजानोल (Oryzanol) दिल की सेहत को दुरुस्त रखने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। हल्का, पाचक और सेहत से भरपूर होने के कारण यह रोजमर्रा के भोजन के लिए बेहतरीन कुकिंग ऑयल है।

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