चिकन पॉक्स में कौन सी दवा लें?

चिकन पॉक्स (Varicella) एक संक्रामक बीमारी है, जो खासकर बच्चों में आम है। इसके लक्छनों में त्वचा पर छाले, बुखार, खुजली और थकान शामिल हैं। बहुत से लोग आयुर्वेद या होम्योपैथी के जरिए इसका इलाज कराना पसंद करते हैं।

होम्योपैथी में कई दवाओं का उपयोग चिकन पॉक्स के उपचार के लिए किया जाता है। जैसे—वेरीयूलिनम, जो खसरे और चिकन पॉक्स जैसी बीमारियों में प्रभावी मानी जाती है। मेलेनड्रिनम बुखार और त्वचा की स्थिति में सुधार करने में मदद कर सकती है। इसके अलावा रसटॉक्स, एंचिमटार्ट और ऑर्सेनिक एलबी भी डॉक्टरों द्वारा सुझाई जाने वाली दवाएं हैं।

ये दवाएं आमतौर पर तीन से सात दिन तक दी जाती हैं, लेकिन इलाज किसी प्रशिक्षित होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह से ही कराना चाहिए। कई बार डॉक्टर खट्टी, मीठी या मसालेदार चीजों के सेवन से भी मना करते हैं, क्योंकि ये लक्छनों को बढ़ा सकती हैं।

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