चेचक और मंकीपॉक्स में क्या अंतर है?
कई लोग चेचक और मंकीपॉक्स को एक ही मान लेते हैं, लेकिन दोनों बीमारियों में स्पष्ट अंतर है। चेचक में शरीर पर छोटे-छोटे दाने या फफोले आते हैं, जो सात से आठ दिनों के बाद अपने आप ठीक हो जाते हैं। इन घावों में अक्सर खुजली होती है। इसके बाद त्वचा पर छोटे निशान छूट सकते हैं, लेकिन आमतौर पर बीमारी बिना गंभीर जटिलताओं के खत्म हो जाती है।
वहीं, मंकीपॉक्स में स्थिति थोड़ी अलग होती है। इस बीमारी में घाव अपने आप सीमित नहीं होते और लंबे समय तक रह सकते हैं। खास बात यह है कि मंकीपॉक्स के घावों में खुजली नहीं होती। साथ ही, रोगी को लंबे समय तक बुखार रहता है। एक महत्वपूर्ण लक्छन यह भी है कि इस बीमारी में गले, ग्रोइन या बगल के 'लिम्फ नोड्स' सूजे हुए होते हैं, जो चेचक में नहीं देखा जाता।
इसलिए, अगर त्वचा पर दाने या फफोले दिखाई दें, तो घबराएं नहीं, लेकिन डॉक्टर से जांच जरूर कराएं। सही पहचान के बाद ही
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