चेचक का टीका: एक ऐतिहासिक मोड़

चेचक, जो कभी दुनिया भर में लाखों लोगों की जान लेता था, आज इतिहास का हिस्सा बन चुका है। टीकाकरण के बल पर मानवता ने इस खतरनाक बीमारी पर पूरी तरह काबू पा लिया।

संयुक्त राज्य अमेरिका में चेचक के उन्मूलन के बाद 1972 में सामान्य जनता के लिए चेचक का नियमित टीकाकरण बंद कर दिया गया। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि बीमारी स्थानीय स्तर पर खत्म हो चुकी थी।

यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि चेचक का टीका संक्रमण के बाद कुछ दिनों के भीतर लगाया जाए, तो यह संक्रमण को रोक सकता था या इसकी गंभीरता को काफी कम कर सकता था। इसलिए टीका सिर्फ रोकथाम के लिए ही नहीं, बल्कि संपर्क के बाद भी कारगर साबित हुआ।

दुनिया भर में चेचक के उन्मूलन का श्रेय वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य कर्मियों के अथक प्रयासों को जाता है। 1980 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने घोषणा की कि चेचक पृथ्वी से लगभग पूरी तरह मिट चुका है—यह मानव इतिहास में ऐसी

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