चेचक के कारण मृत्यु दर कितनी थी?

चेचक, जिसे अंग्रेजी में चिकनपॉक्स नहीं बल्कि वेरियोला कहा जाता है, एक घातक वायरल बीमारी थी, जिसने सदियों तक दुनिया भर में लाखों लोगों की जान ले ली। यह बीमारी दो रूपों में पाई जाती थी – वेरियोला माइनर और वेरियोला मेजर।

वेरियोला माइनर हल्के लक्छनों वाला रूप था, जिसमें मृत्यु दर लगभग 1% थी। यह रूप कम घातक था और अपेक्षाकृत कम लोगों को प्रभावित करता था। वहीं, वेरियोला मेजर बहुत अधिक गंभीर था और इसकी मृत्यु दर लगभग 30% तक पहुंच जाती थी।

इसका मतलब था कि दस में से तीन लोग इस बीमारी से बच नहीं पाते थे। बच्चों और बुजुर्गों में यह खतरा और भी अधिक होता था। भारत सहित कई देशों में चेचक के कारण वर्षों तक महामारी फैली, लेकिन 1980 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने घोषणा की कि चेचक अब दुनिया भर में समाप्त हो चुका है।

यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसके पीछे लाखों स्वास्थ्य कर्मियों और टीक

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