छोटे बच्चों को शीशा क्यों नहीं दिखाया जाता?

भारतीय संस्कृति में एक मान्यता है कि छोटे बच्चों को शीशा नहीं दिखाना चाहिए। कई बुजुर्ग कहते हैं कि अगर नवजात या छोटे बच्चे को दर्पण दिखा दिया जाए, तो उनके दांत उल्टे निकल सकते हैं। हालांकि, यह विज्ञान से समर्थित नहीं है, फिर भी यह मान्यता आज भी कई घरों में जीवित है।

दरअसल, इस पीछे कई सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक कारण भी हैं। बच्चे के पहले वर्ष में उनकी दुनिया बहुत सीधी होती है – वे अपने आसपास के लोगों, आवाज़ों और स्पर्श पर ज़्यादा ध्यान देते हैं। कुछ लोग मानते हैं कि शीशे में अपनी छवि देखकर बच्चे डर सकते हैं या उनका ध्यान बिखर सकता है। इसलिए, बचपन में शीशा दिखाने से बचाया जाता है।

एक और मान्यता है कि शीशा बच्चे की आत्मा को प्रभावित कर सकता है या उन्हें नज़र लग सकती है। इसीलिए कुछ परिवार शीशे को बच्चे के कमरे में तक नहीं रखते या उसे ढक देते हैं।

हालांकि, आधुनिक मनोविज्ञान कहत

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