जब प्रसव के समय बच्चा नीचे की ओर न खिसके: कारण और उपाय

गर्भावस्था के आखिरी हफ्तों में शिशु का नीचे की ओर (श्रोणि या पेल्विस में) खिसकना प्रसव की प्रक्रिया का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे मेडिकल भाषा में 'लाइटनिंग' कहा जाता है। लेकिन कई बार, प्रसव पीड़ा शुरू होने के बावजूद बच्चा सही स्थिति में नीचे नहीं आता है। ऐसी स्थिति में गर्भवती महिला को सही जानकारी और कुछ सरल उपायों की मदद से इस प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास करना चाहिए।

बैठने की पोजीशन में बदलाव: जब बच्चा नीचे न खिसक रहा हो, तो बैठने के तरीके पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस दौरान क्रॉस लेग (पालथी मारकर) बैठने से बचना चाहिए, क्योंकि यह पोजीशन बच्चे को नीचे जाने के बजाय पीछे की ओर धकेल सकती है। इसके विपरीत, आपको आगे की ओर झुक कर बैठना चाहिए। आप एक आरामदायक कुर्सी पर उलटा बैठकर या बर्थिंग बॉल का सहारा लेकर आगे झुक सकती हैं। यह पोजीशन गुरुत्वाकर्षण की मदद से बच्चे को श्रोणि (पेल्विस) की ओर खिसकने में मदद करती है।

सक्रिय रहें और सही एक्सरसाइज करें: गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) को खोलने और बच्चे को नीचे लाने के लिए हल्के व्यायाम और मूवमेंट बहुत असरदार होते हैं। डॉक्टर या प्रसव विशेषज्ञ की सलाह पर पेल्विक टिल्ट, बटरफ्लाई स्ट्रेच और हल्की वॉक (टहलना) जैसी एक्सरसाइज करें। इसके अलावा, सीढ़ियां चढ़ना-उतरना या हल्के स्क्वाट्स (उठक-बैठक) करने से श्रोणि की मांसपेशियां खुलती हैं, जिससे शिशु को नीचे आने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है।

यदि इन उपायों के बाद भी बच्चा नीचे न खिसके या प्रसव में अत्यधिक रुकावट महसूस हो, तो तुरंत अपने डॉक्टर या मिडवाइफ से संपर्क करें ताकि वे स्थिति का सही मूल्यांकन कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कर सकें।

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