जैविक खेती के जनक: सर अल्बर्ट हावर्ड और उनका योगदान
आज के समय में जब पूरी दुनिया रसायनों के हानिकारक प्रभावों से बचकर प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक भोजन की ओर लौट रही है, तब जैविक खेती (Organic Farming) का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आधुनिक जैविक खेती की नींव रखने का श्रेय अल्बर्ट हावर्ड (Albert Howard) को दिया जाता है, जिन्हें दुनिया भर में जैविक खेती का जनक माना जाता है।
सर अल्बर्ट हावर्ड एक ब्रिटिश वनस्पतिशास्त्री थे, जिन्होंने 20वीं सदी की शुरुआत में भारत में कृषि अनुसंधान केंद्र में कार्य किया। इंदौर में अपने प्रवास के दौरान उन्होंने देखा कि भारत की पारंपरिक कृषि पद्धतियाँ मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को बनाए रखने में अत्यंत कारगर थीं। उन्होंने स्थानीय तकनीकों का गहराई से अध्ययन किया और 'इंदौर विधि' (Indore Process) नामक जैविक खाद (कम्पोस्ट) बनाने की वैज्ञानिक प्रणाली विकसित की।
अल्बर्ट हावर्ड का मुख्य दर्शन यह था कि स्वस्थ मिट्टी ही स्वस्थ फसलों, पशुओं और मनुष्यों का आधार है। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'एन एग्रीकल्चरल टेस्टामेंट' (An Agricultural Testament) में चेतावनी दी थी कि कृत्रिम रसायनों और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी के जीवन चक्र को नष्ट कर देता है। उनके सिद्धांतों ने दुनिया भर में पर्यावरण-अनुकूल खेती के एक नए युग की शुरुआत की, जो आज लाखों लोगों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
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