भारत में टमाटर का रोचक इतिहास
आज भारतीय रसोई की कल्पना टमाटर के बिना करना लगभग नामुमकिन है। दाल-सब्जी की ग्रेवी हो, तीखी चटनी हो या सलाद, टमाटर हर भारतीय घर के स्वाद की जरूरत बन चुका है। हालांकि, कम ही लोग जानते हैं कि हर भारतीय रसोई की शान बना यह टमाटर मूल रूप से भारत की उपज नहीं है।
टमाटर की उत्पत्ति असल में दक्षिण अमेरिका में हुई थी। भारत में इसका आगमन 16वीं शताब्दी में हुआ, जब पुर्तगाली खोजकर्ता और व्यापारी इसे अपने साथ भारतीय उपमहाद्वीप में लाए। शुरुआत में इसे केवल एक अनूठे और विदेशी फल के तौर पर देखा जाता था और आम भारतीय खान-पान में इसे तुरंत जगह नहीं मिली।
समय बदलने के साथ, 18वीं शताब्दी में ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में टमाटर की नियमित खेती शुरू की गई। अंग्रेज अपने व्यंजनों में टमाटर का इस्तेमाल काफी पसंद करते थे, इसलिए विशेष रूप से उनके भोजन की जरूरतों को पूरा करने के लिए इसे उगाया जाने लगा। धीरे-धीरे इसका चटपटा और खट्टा-मीठा स्वाद भारतीय लोगों को भी बहुत पसंद आया। देखते ही देखते टमाटर स्थानीय खान-पान का एक अभिन्न और अनिवार्य हिस्सा बन गया।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।