दूरदर्शन का दिलचस्प सफर: जानिए कैसे पड़ा इसका नाम

आज के दौर में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहाँ टीवी या टेलीविजन न हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शुरुआत में हमारे देश में टीवी का नाम कुछ और था? आज से कई दशक पहले जब भारत में इसकी शुरुआत हुई थी, तब इसका प्रसारण हफ्ते में सिर्फ तीन दिन और वह भी मात्र आधा-आधा घंटे के लिए होता था।

शुरुआती दौर में इस प्रसारण सेवा को अंग्रेजी में 'टेलीविजन इंडिया' कहा जाता था। जैसे-जैसे समय बीता और इसका दायरा बढ़ा, तो साल 1975 में इसका पूरी तरह से हिंदीकरण किया गया। तभी इसे नया और अर्थपूर्ण नाम 'दूरदर्शन' मिला, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'दूर की चीज़ को देखना या दिखाना'।

यह नाम लोगों के दिलों में ऐसा उतरा कि आगे चलकर यह सिर्फ एक चैनल का नाम नहीं रहा, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पूरे टीवी का ही हिंदी पर्याय बन गया। आज भले ही मनोरंजन के अनगिनत साधन आ गए हों, लेकिन 'दूरदर्शन' नाम आज भी भारत की टेलीविज़न यात्रा की एक बेहद पुरानी और सुनहरी याद है।

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