डिलीवरी का सही समय और जरूरी बातें

गर्भावस्था के दौरान हर महिला के मन में यह सवाल जरूर आता है कि डिलीवरी का सही समय क्या है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक सामान्य और सुरक्षित डिलीवरी का समय 37 हफ्ते (259 दिन) से लेकर 42 हफ्ते (294 दिन) के बीच माना जाता है।

इस समय सीमा को 'फुल टर्म प्रेगनेंसी' कहा जाता है। 37वें हफ्ते तक पहुंचते-पहुंचते गर्भ में पल रहे शिशु के सभी मुख्य अंग, जैसे कि फेफड़े और दिमाग, पूरी तरह से विकसित और परिपक्व हो जाते हैं। इस दौरान जन्म लेने वाले बच्चे स्वास्थ्य के लिहाज से अधिक मजबूत होते हैं और उन्हें बाहरी वातावरण में ढलने में कोई परेशानी नहीं होती।

यदि डिलीवरी 37 हफ्ते से पहले होती है, तो उसे प्री-टर्म या समय से पहले डिलीवरी कहा जाता है। ऐसे बच्चों को विशेष देखभाल और मेडिकल सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है। वहीं दूसरी ओर, अगर गर्भावस्था 42 हफ्ते से आगे निकल जाती है, तो उसे पोस्ट-टर्म प्रेगनेंसी कहते हैं। इस स्थिति में भी डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी हो जाता है, क्योंकि गर्भनाल (placenta) का कार्य धीमा हो सकता है।

हर महिला का शरीर और गर्भावस्था का अनुभव अलग होता है। इसलिए, गर्भावस्था के अंतिम हफ्तों में नियमित रूप से अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें और शरीर में होने वाले किसी भी बदलाव या दर्द को नजरअंदाज न करें। समय पर सही डॉक्टरी सलाह मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखती है।

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