डूंगरपुर: राजस्थान का पहला जैविक खेती की ओर बढ़ता जिला

पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्यप्रद खान-पान के इस दौर में राजस्थान का डूंगरपुर जिला एक बेहतरीन मिसाल बनकर उभर रहा है। डूंगरपुर जिले को वर्ष 2015 में जैविक खेती के लिए समर्पित जिला घोषित किया गया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के हानिकारक प्रभावों को कम करना और पारंपरिक, सुरक्षित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

सरकारी नीतियों और स्थानीय प्रयासों के कारण क्षेत्र के कृषि परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। इस योजना के तहत अब तक ढाई हजार से अधिक किसानों को जैविक खेती से जोड़ा गया है। इन किसानों को न केवल जैविक खाद बनाने और फसलों की सुरक्षा के प्राकृतिक तरीके सिखाए गए हैं, बल्कि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहन और सहायता भी प्रदान की गई है।

जैविक खेती अपनाने से मिट्टी की उर्वरता में सुधार हो रहा है और पानी की खपत भी कम हो रही है। बिना रसायन वाली फसलें उगाने से किसानों की लागत घट रही है और उपभोक्ताओं को शुद्ध उत्पाद मिल रहे हैं। डूंगरपुर का यह सफल मॉडल राज्य के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन रहा है, जिससे भविष्य में टिकाऊ कृषि को और अधिक मजबूती मिलेगी।

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