संसार के रचनाकार: कौन है इस दुनिया में ईश्वर?
सदियों से मानव मन में यह सवाल उठता रहा है कि इस विशाल ब्रह्मांड को चलाने वाली शक्ति कौन सी है। परमेश्वर वह सर्वोच्च परालौकिक शक्ति है जिसे इस संसार का सृष्टा और शासक माना जाता है। हमारी संस्कृति और दर्शन में इस अदृश्य लेकिन सर्वव्यापी शक्ति को विभिन्न नामों से पुकारा गया है। हिन्दी में परमेश्वर को भगवान, परमात्मा या सर्वशक्तिमान भी कहते हैं।
दुनिया के लगभग हर कोने में, चाहे वह कोई भी संस्कृति हो, एक ऐसी सत्ता को स्वीकार किया गया है जो इंसानी समझ से परे है। अधिकतर धर्मों में परमेश्वर की परिकल्पना ब्रह्माण्ड की संरचना से जुड़ी हुई है। माना जाता है कि सूर्य का उगना, नदियों का बहना और जीवन का चक्र सब उसी एक परम सत्ता के नियंत्रण में है। कुछ लोग उन्हें एक साकार रूप में पूजते हैं, तो कुछ उन्हें एक निराकार ऊर्जा के रूप में महसूस करते हैं।
वास्तव में, ईश्वर को किसी एक परिभाषा में बांधना असंभव है। वे प्रेम, करुणा और सत्य का प्रतीक हैं। जब हम अपने भीतर झांकते हैं और मानवता की सेवा करते हैं, तो हमें उस परम तत्व की अनुभूति होती है। आस्था चाहे जैसी भी हो, ईश्वर का मूल संदेश हमेशा शांति और आपसी सद्भाव ही रहा है।
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