दुष्कर्म की जांच कैसे की जाती है?

दुष्कर्म या यौन उत्पीड़न के मामलों में पीड़ित की जांच एक बहुत ही संवेदनशील और वैज्ञानिक प्रक्रिया होती है। इसका मकसद ऐसे सबूत इकट्ठा करना होता है जो अपराध की पुष्टि कर सकें और न्याय प्रक्रिया में मदद करें।

जांच शुरू होती है पीड़ित के पूरे शरीर की बारीकी से जांच से। डॉक्टर यह देखते हैं कि शरीर पर कहीं चोट, निशान या घाव तो नहीं है। इसके बाद पीड़ित व्यक्ति को सफेद कपड़े पर खड़ा किया जाता है और उसके कपड़ों को धीरे से झाड़ा जाता है। इससे छोटे-छोटे सबूत जैसे बाल, बटन, कपड़े के रेशे या अन्य वस्तुएं मिल सकती हैं जो अपराधी से जुड़ सकती हैं।

इसके अलावा, शरीर पर मौजूद किसी भी खून, लार, योनि स्राव या योनि उपकला कोशिकाओं का भी सैंपल लिया जाता है। ये सैंपल लैब में भेजे जाते हैं ताकि डीएनए मिलान के जरिए अपराधी की पहचान की जा सके।

इस पूरी प्रक्रिया में पीड़ित की गरिमा और भावनाओं का

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