प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: दूसरे बच्चे के जन्म पर मिलने वाली आर्थिक सहायता

भारत सरकार महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। कई माता-पिता के मन में यह सवाल रहता है कि क्या उन्हें दूसरे बच्चे के जन्म पर भी सरकारी आर्थिक सहायता मिल सकती है? इसका सीधा जवाब है, हाँ। इस योजना के तहत दूसरे बच्चे के जन्म पर भी माताओं को दोबारा वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है।

इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को कुल 5000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार इस राशि को एकमुश्त देने के बजाय तीन अलग-अलग किस्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर करती है, ताकि बच्चे के विकास के हर महत्वपूर्ण चरण में उसकी सही देखरेख हो सके।

योजना के नियमानुसार, इसकी पहली किस्त (1000 रुपये) गर्भावस्था के पंजीकरण और आवेदन के समय दी जाती है। इसके बाद, दूसरी किस्त बच्चे के सफल जन्म और अस्पताल में पंजीकरण के वक्त मिलती है। सबसे महत्वपूर्ण और तीसरी किस्त तब जारी की जाती है जब बच्चे का प्रारंभिक टीकाकरण चक्र पूरा हो जाता है। इसमें बच्चे को पोलियो, बीसीजी, डीपीटी और खसरा आदि के जरूरी टीके लगना अनिवार्य है।

यह वित्तीय मदद न केवल गरीब और कामकाजी महिलाओं को प्रसव के दौरान मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने में मदद करती है, बल्कि उन्हें पर्याप्त आराम और पौष्टिक आहार लेने के लिए भी प्रेरित करती है। यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं।

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