देवी-देवताओं को कैसे पुकारा जाता है?
भारतीय संस्कृति में देवी-देवताओं को प्रार्थना, मानसिक ध्यान और विश्वास के माध्यम से पुकारा जाता है। इसे कोई भौतिक बुलावा नहीं, बल्कि आत्मिक संयोग कहें तो सही। मंत्र, जप, हवन या आरती के जरिए भक्त अपने देव के सानिध्य में आना चाहते हैं।
मान्यता है कि जब कोई व्यक्ति श्रद्धा से मनोभाव के साथ प्रार्थना करता है, तो देवी-देवता उसके भाव को ग्रहण कर लेते हैं। इसमें नाम जप, आरती या फूल-धूप की चढ़ाई भी शामिल है। कई बार मंदिरों में पुजारी वेद मंत्रों का उच्चारण करके देवता को आवाहन (बुलाना) कहते हैं।
उदाहरण के लिए, पूजा के दौरान कहा जाता है – “ओम आवाहनं करोमि” – यानी मैं तुम्हें बुलाता हूँ। यह कोई जादू नहीं, बल्कि भक्ति और अनुष्ठान का हिस्सा है। देवी दुर्गा, विष्णु या शिव को पुकारने के लिए भक्त अपने मन को शुद्ध करके, नियम-व्रत धारण करके उनके निकट जाना चाहते हैं।
सच्ची बात यह है कि देवी-देवताओं को
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