धरती का प्राचीन इतिहास और प्रथम शासक
सनातन परंपरा और पौराणिक इतिहास के अनुसार, हमारी धरती की प्रारंभिक व्यवस्था आज से बिल्कुल अलग थी। एक समय था जब धरती पर देवताओं के राजा इंद्र का आधिपत्य हुआ करता था। उस काल में संपूर्ण भूभाग को तीन मुख्य हिस्सों में विभाजित किया गया था, जिन्हें स्वर्ग, पाताल और पृथ्वी के नाम से जाना जाता था। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी देखें, तो प्राचीन समय में धरती का एक बहुत छोटा हिस्सा ही जल से मुक्त यानी सूखा हुआ था, जहां जीवन फल-फूल रहा था।
समय के चक्र के साथ व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव आए। इंद्र के काल के बाद, जब धरती पर मानव सभ्यता का विस्तार हुआ, तब स्वायंभुव मनु संपूर्ण धरती के पहले राजा और व्यवस्थित शासक बने। उन्हें मानव जाति का प्रथम पुरुष भी माना जाता है, जिन्होंने समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए नियम और कानून बनाए। इस प्रकार, इंद्र के देवलोक प्रशासन से लेकर राजा मनु के भूमंडल शासन तक, हमारी धरती ने सभ्यता और संस्कृति के कई सुनहरे दौर देखे हैं।
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