नाक की हड्डी का नाम और एलर्जी का प्रभाव
नाक की हड्डी को आमतौर पर नेजल बोन या वैज्ञानिक भाषा में नेजल सीप्टम कहा जाता है। यह नाक के बीच में स्थित होती है और दोनों नथुनों को अलग करती है। इसकी सही संरचना सांस लेने के लिए बहुत जरूरी है।
कई बार एलर्जी के कारण नाक के अंदर की ऊतकों में सूजन आ जाती है। ऐसे में अगर नाक की हड्डी पहले से ही टेढ़ी (डिवाइटेड नेजल सीप्टम) है, तो सांस लेना और भी मुश्किल हो जाता है। सुबह-शाम छींक आना, नाक बहना या भारीपन महसूस होना ऐसे में सामान्य लक्षण बन जाते हैं।
ऐसी स्थिति में डॉक्टर अक्सर एलर्जिक दवाइयाँ यानी एंटी-एलर्जिक मेडिसिन देते हैं। ये दवाइयाँ नाक में होने वाली सूजन को कम करके सांस लेने में आराम देती हैं। इनमें एंटीहिस्टामाइन्स, डीकॉन्जेस्टेंट्स या स्टेरॉयड नेजल स्प्रे शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, अगर सीप्टम बहुत ज्यादा टेढ़ा है और दवाइयों से भी आराम नहीं मिलता, तो कई बार सर्जरी (सी
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