चीन को कौन नहीं मानता? एक जटिल राजनयिक तस्वीर
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मान्यता का सवाल हमेशा संवेदनशील रहा है। जब बात चीन की आती है, तो स्थिति और भी जटिल हो जाती है। आधिकारिक तौर पर, भूटान दुनिया का एकमात्र संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश है जिसने न तो चीनी गणराज्य (पीआरसी) और न ही ताइवान में स्थित चीन गणराज्य (आरओसी) को स्पष्ट रूप से मान्यता दी है।
यह बात ध्यान देने वाली है कि चीन गणराज्य (ताइवान), खुद को चीन की एकमात्र वैध सरकार मानता है और ताइवान के साथ-साथ पीआरसी द्वारा नियंत्रित सभी क्षेत्रों पर अपना अधिकार जताता है। इसके बावजूद, आज अधिकांश देश पीआरसी को ही चीन के वैध प्रतिनिधि के रूप में स्वीकार करते हैं।
भूटान की नीति प्राचीन और सावधानी से तयशुदा रही है। वह न तो चीन को सीधे मान्यता देता है और न ही उसके विरोध में कोई बयान देता है। यह तटस्थता उसकी विशिष्ट विदेश नीति का हिस्सा है।
इस तरह, भूटान अंतरराष्ट्रीय मैदान में एक अन
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