नींद में बोलना क्या है?
नींद में बोलना, जिसे अंग्रेजी में 'स्लीप टॉकिंग' कहते हैं, एक ऐसी स्थिति है जब व्यक्ति गहरी नींद में होते हुए भी बिना किसी इरादे के बातें करने लगता है। यह अक्सर बच्चों और किशोरों में देखा जाता है, लेकिन बड़े वयस्क भी नींद में बोल सकते हैं। कई बार ये बातें स्पष्ट भी होती हैं, लेकिन कई बार बुदबुदाहट जैसी अस्पष्ट आवाज़ भी हो सकती है।
चिकित्सकों का मानना है कि यह स्लीप डिसऑर्डर का ही एक रूप है, लेकिन इसके बारे में अभी भी कई बातें रहस्य बनी हुई हैं। कुछ शोधों के अनुसार, तनाव, थकान, बुखार या अनियमित नींद की आदतों के कारण भी नींद में बोलना हो सकता है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि जो व्यक्ति नींद में बात करता है, उसे अगले दिन इसकी जानकारी तक नहीं होती। वह यह भी नहीं जान पाता कि उसने रात में क्या बोला। कई बार यह एक या दो शब्दों तक सीमित रहता है, लेकिन कभी-कभी पूरे वाक्य भी बोल दिये जाते हैं।
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