नीति आयोग: देश के विकास की एक नई दिशा

भारत में आर्थिक नीति और विकास को एक नया आयाम देने के लिए 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग (NITI Aayog) का गठन किया गया था। यह बदलाव केंद्र सरकार के एक विशेष प्रस्ताव के जरिए लाया गया, जिसने देश के पुराने और दशकों पुराने योजना आयोग (Planning Commission) की जगह ली।

नीति आयोग का मुख्य उद्देश्य देश के विकास कार्यों में राज्यों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ाना और 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) को मजबूत करना है। पुराने समय में जहाँ योजना आयोग एकतरफा नीतियां तय करता था, वहीं नीति आयोग "बॉटम-अप" अप्रोच यानी जमीनी स्तर से सुझाव लेकर योजनाएं तैयार करने पर जोर देता है। इसमें देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल होते हैं, जिससे हर क्षेत्र की जरूरतों को प्राथमिकता मिलती है।

आज नीति आयोग भारत सरकार के लिए एक बेहतरीन 'थिंक टैंक' के रूप में काम कर रहा है, जो तकनीक, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में रणनीतिक सलाह देता है ताकि देश आत्मनिर्भर बन सके।

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