भारत के पहले शिक्षक कौन हैं?

भारत में शिक्षकों का सम्मान इतना गहरा है कि एक समय गुरु को देवता से भी ऊपर माना जाता था। लेकिन जब बात आती है "भारत का पहला शिक्षक कौन है" तो इतिहास और परंपरा दोनों एक साथ बोलते हैं।

प्राचीन काल में ऋषि-मुनि ज्ञान के दीपक थे। वे आश्रमों में बच्चों को धर्म, दर्शन, विज्ञान और युद्धकला की शिक्षा देते थे। इस दृष्टि से, भारत के पहले शिक्षक ऋषि दधीचि, वशिष्ठ या विश्वामित्र जैसे नाम आते हैं। वैदिक शिक्षा प्रणाली का आधार यही ऋषि-मुनि थे।

लेकिन आधुनिक भारत में, एक नाम खास तौर पर उभरता है – सर्वपल्ली राधाकृष्णन। वे न केवल एक महान विद्वान थे, बल्कि भारत के राष्ट्रपति भी रहे। उनके सम्मान में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

कहा जाता है कि जब उनके छात्र उन्हें जन्मदिन पर बधाई देने आए, तो उन्होंने कहा कि बजाय उनके जन्मदिन मनाने के, इस दिन को शिक्षकों के सम्मान में समर्पित किया जाए। यहीं

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