काली सरसों: रसोई का छोटा सा मसाला और इसके अनोखे नाम

भारतीय रसोई में काली सरसों का एक खास स्थान है। चाहे दाल में तड़का लगाना हो या फिर अचार का स्वाद बढ़ाना हो, इसके बिना व्यंजन का स्वाद अधूरा सा लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस छोटे से मसाले के और भी कई नाम हैं?

वनस्पति विज्ञान में इसे ब्रैसिका नाइग्रा (Brassica nigra) के नाम से जाना जाता है। आम बोलचाल और बाजारों में इसे लोग काली सरसों, भूरी सरसों या सच्ची सरसों के नाम से भी पुकारते हैं। हालांकि सरसों के पौधों की दुनिया भर में 40 से अधिक किस्में पाई जाती हैं, लेकिन खाने-पीने और खाना पकाने में मुख्य रूप से केवल तीन किस्मों के बीजों का ही उपयोग किया जाता है। इनमें काली सरसों अपने तीखे स्वाद और तेज़ सुगंध के लिए सबसे ज़्यादा पसंद की जाती है।

स्वाद के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। तो अगली बार जब आप अपनी रसोई में तड़का लगाएं, तो याद रखें कि यह छोटा सा दाना सिर्फ एक मसाला नहीं, बल्कि गुणों का खजाना है!

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