पीली सरसों की सबसे बेहतरीन किस्म और उनकी विशेषताएं

भारतीय कृषि में सरसों की खेती का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। खासतौर पर पीली सरसों की मांग बाजार में इसके बेहतरीन तेल और उच्च गुणवत्ता के कारण हमेशा ज्यादा रहती है। अगर आप सरसों की खेती से अच्छा मुनाफा और बंपर पैदावार चाहते हैं, तो सही किस्म का चयन करना बहुत जरूरी है।

पीताम्बरी: वर्ष 2009 में विकसित की गई यह किस्म आज किसानों की पहली पसंद बनी हुई है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मात्र 110 से 115 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। कम समय में पकने के कारण खेत जल्दी खाली हो जाता है, जिससे किसान अगली फसल की बुवाई समय पर कर पाते हैं।

नरेन्द्र सरसों-2: साल 1996 में विकसित की गई यह किस्म भी काफी लोकप्रिय है। इसे पककर तैयार होने में 125 से 130 दिनों का समय लगता है। यह किस्म मध्यम दाने और अच्छे तेल प्रतिशत के लिए जानी जाती है।

के 88: यह सरसों की एक पुरानी और बेहद भरोसेमंद किस्म है, जिसे 1978 में जारी किया गया था। यह किस्म भी 125 से 130 दिनों में पकती है और विपरीत परिस्थितियों में भी किसानों को स्थिर उत्पादन देने में सक्षम है।

इन उन्नत किस्मों का चयन करके, सही समय पर बुवाई और उचित देखभाल के साथ किसान पीली सरसों की खेती से कम लागत में शानदार उत्पादन हासिल कर सकते हैं।

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