सूर्य से सबसे दूर: वरुण ग्रह
सौर मंडल के आठ ग्रहों में से सूर्य से सबसे दूर का ग्रह वरुण (Neptune) है। यह पृथ्वी से भी सबसे अधिक दूरी पर स्थित है। जब भी आप रात के अँधेरे में तारों के बीच आकाश को देखते हैं, तो जान लीजिए कि उसके बहुत पार, लगभग 4.5 अरब किलोमीटर दूर, वरुण धीरे-धीरे अपनी परिक्रमा कर रहा है।
वरुण केवल दूरी में ही नहीं, आकार में भी एक विशालकाय है। यह सौर मंडल का चौथा सबसे बड़ा ग्रह और तीसरा सबसे भारी ग्रह है। इसकी नीली छवि इसके वातावरण में मौजूद मीथेन गैस के कारण होती है, जो लाल प्रकाश को अवशोषित कर लेती है और नीले रंग को परावर्तित करती है।
इस ग्रह की खोज 1846 में गणितीय भविष्यवाणियों के आधार पर हुई थी, न कि सीधे अवलोकन से। यह सूर्य की परिक्रमा करने में लगभग 165 पृथ्वी वर्ष लेता है। इसका मतलब है कि जब वरुण की खोज हुई थी, तब से अब तक वह एक पूरी परिक्रमा भी नहीं कर पाया है!
हालाँकि यह इतना दूर है कि बिना दूरबीन के इसे देखना नामुमकिन है, लेकिन वरुण की रहस्यमयी नीली सतह और भयंकर तूफानों वाला वातावरण खगोलशास्त्रियों के लिए लगातार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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