भगवान हमारे दिलों में कैसे बोलता है?

कई बार हम सोचते हैं कि भगवान कैसे बात करता है। क्या वह आकाश से आवाज़ देता है? या कोई सपना दिखाता है? सच तो यह है कि भगवान आज भी अपने बच्चों से बात करता है, लेकिन ज्यादातर बार एक शांत, मृदुल आवाज़ में।

उसका वचन—बाइबल—सबसे स्पष्ट तरीका है जिसमें वह हमें सुनाता है। जब हम ध्यान से पढ़ते हैं, तो कई बार ऐसा लगता है कि कोई आयत हमारे ही लिए लिखी गई है। यह उसी का हाथ है जो हमारे जीवन में काम कर रहा है।

प्रार्थना के समय भी वह हमारे हृदय में क्या डालता है, वही उसकी आवाज़ है। कभी-कभी हमारे मन में अचानक किसी के लिए प्रार्थना करने की इच्छा आती है—यह उसका निर्देश हो सकता है।

जीवन की परिस्थितियाँ भी उसकी भाषा हैं। क्या आपने कभी ध्यान दिया कि कुछ घटनाएँ इतनी सटीक होती हैं कि वे संयोग नहीं लगतीं? भगवान हमारे रास्ते में हस्तक्षेप करता है ताकि हम उसकी ओर मुड़ें।

और अंत में, चर्च और विश्वासी

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