प्राचीन और आधुनिक समय में ग्रहों की संख्या

प्राचीन भारतीय ज्योतिष में ग्रहों की अवधारणा आधुनिक खगोल विज्ञान से अलग है। यहाँ नौ ग्रहों की गणना की जाती है—सूर्य, चन्द्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु (बृहस्पति), शनि, राहु और केतु। ये सभी मानव जीवन पर प्रभाव डालने वाली ऊर्जाओं के प्रतीक हैं। राहु और केतु तो वास्तविक खगोलीय पिंड नहीं हैं, बल्कि चन्द्रमा की कक्षा और पृथ्वी के संबंध में उत्पन्न बिंदु हैं, फिर भी ज्योतिष में इन्हें ग्रह माना जाता है।

वैज्ञानिक दृष्टि से, पहले पृथ्वी सहित कुल नौ ग्रह माने जाते थे। इसमें प्लूटो को भी नवां ग्रह माना जाता था। लेकिन 2006 में इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन (IAU) ने प्लूटो को ग्रह का दर्जा छीन लिया और उसे "बौना ग्रह" घोषित कर दिया। इसके बाद से हमारे सौर मंडल में आधिकारिक तौर पर अब केवल आठ ग्रह रह गए—बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून।

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