क्या पाकिस्तान सच में भारत से गरीब है?

दुनियाभर के देशों की आर्थिक स्थिति को समझने के लिए कई तरह के वैश्विक सूचकांक और रिपोर्ट जारी की जाती हैं। हाल के वर्षों में सामने आए आर्थिक आंकड़ों और वित्तीय पत्रिकाओं की रिपोर्ट, जैसे कि ग्लोबल फाइनेंस की रैंकिंग, यह स्पष्ट करती हैं कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति भारत और यहाँ तक कि बांग्लादेश से भी काफी पीछे है।

इस आर्थिक अंतर का सबसे बड़ा कारण दोनों देशों की विकास दर, जीडीपी (GDP) और विदेशी निवेश में मौजूद बड़ा फासला है। जहाँ एक तरफ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और तकनीक, विनिर्माण (manufacturing) व सेवा क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान लंबे समय से भारी विदेशी कर्ज, आसमान छूती महंगाई और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है।

इसके अलावा, बांग्लादेश ने भी बीते कुछ सालों में अपने कपड़ा उद्योग (textile industry) और मानव विकास सूचकांक में उल्लेखनीय सुधार किया है, जिससे उसने आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान को पछाड़ दिया है। प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) के मामले में भी पाकिस्तान अपने इन दोनों पड़ोसी देशों से काफी नीचे पायदान पर आ गया है।

संक्षेप में कहें तो, बुनियादी ढांचे की कमी और सही आर्थिक नीतियों के अभाव के कारण पाकिस्तान इस समय बेहद कठिन वित्तीय संकट से गुजर रहा है, जिसके चलते वह आर्थिक समृद्धि के मामले में भारत और बांग्लादेश से काफी पीछे छूट गया है।

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