पाकिस्तान शब्द का इतिहास और इसके जनक
भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में कुछ तिथियां और नाम बेहद खास स्थान रखते हैं। इन्हीं में से एक नाम है चौधरी रहमत अली का, जिन्हें 'पाकिस्तान' शब्द का जन्मदाता माना जाता है। इतिहास के पन्नों में पहली बार यह नाम 28 जनवरी 1933 को सामने आया था।
उस समय कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे युवा रहमत अली ने एक मशहूर बुकलेट (पम्फलेट) का संपादन किया था, जिसका शीर्षक था 'नाउ ऑर नेवर' (Now or Never)। इसी दस्तावेज़ में उन्होंने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के लिए एक अलग पहचान और देश का विचार प्रस्तुत करते हुए पहली बार 'पाकिस्तान' शब्द का इस्तेमाल किया था।
दिलचस्प बात यह है कि इस शब्द को गढ़ने के पीछे एक खास तर्क था। रहमत अली ने अपने समय के विभिन्न प्रांतों के शुरुआती अक्षरों को मिलाकर यह नाम तैयार किया था। इसमें 'प' से पंजाब, 'आ' से अफगान (सीमांत प्रांत), 'क' से कश्मीर, 'स' से सिंध और 'तान' बलूचिस्तान से लिया गया था। आगे चलकर यही शब्द उस पूरे आंदोलन की पहचान बना, जिसने 1947 में एक नए राष्ट्र का रूप धारण किया।
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