पोलियो के टीके की खोज कब हुई?

पोलियो के खिलाफ टीके की खोज का श्रेय अमेरिकी वैज्ञानिक डॉक्टर जोनास साल्क को दिया जाता है। 1955 में उन्होंने पहली बार इंजेक्शन के जरिए दिए जाने वाले पोलियो वैक्सीन को सफलतापूर्वक विकसित किया। यह टीका एक बड़ी उपलब्धि थी क्योंकि पोलियो एक ऐसी बीमारी थी जो बच्चों में गंभीर दुष्प्रभाव, लंगड़ापन और कई बार मौत का कारण बनती थी।

डॉ. साल्क के टीके ने दुनिया भर में पोलियो के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में, 1960 के दशक में अल्बर्ट साबिन ने एक मौखिक पोलियो वैक्सीन (OPV) विकसित की, जो टॉप यानी बूंदों के रूप में दी जाती है। यह टीका अधिक सुविधाजनक था और बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियानों में उपयोग हुई।

भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में पोलियो के खिलाफ लड़ाई में यह टीका बहुत अहम साबित हुआ। सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के संयुक्त प्रयासों से देश 2014 में पोलियो मुक्त घोषित

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय