काला पानी और सेल्यूलर जेल: एक दर्द भरा इतिहास
काला पानी शब्द सुनते ही दिल में एक अजीब सा डर सा सा उतर जाता है। ये शब्द सिर्फ एक स्थान नहीं, बल्कि एक यातना का प्रतीक है। पहले इसे आंदमान निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में बनी जेल के लिए इस्तेमाल किया जाता था। यहां अंग्रेजों ने उन स्वतंत्रता सेनानियों को डाला, जिन्हें वे देश के लिए खतरा मानते थे।
इस जेल को बाद में सेल्यूलर जेल के नाम से जाना गया। जेल का डिज़ाइन ही इतना क्रूर था कि 7 फैले हुए भुजाओं में कैदियों को अलग-अलग रखा जाता था। इस तरह वे एक-दूसरे से बात भी नहीं कर पाते थे। यहां कैद करने का मतलब था – दुनिया से कट जाना। इसीलिए इसे 'काला पानी' कहा गया, जहां से कोई वापस नहीं आता।
आज ये जेल एक स्मारक बन चुकी है। यहां रखे गए आइटम, कैदियों के नाम और उनकी कहानियां आज भी उस कुंठित जीवन शैली की गवाही देते हैं। ये जगह सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि उन बह
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