रुक्मणी की मृत्यु कैसे हुई?

भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय पत्नी और विष्णु की अवतारी शक्ति मानी जाने वाली रुक्मणी के जीवन का अंत एक दुखद प्रसंग के साथ हुआ। श्रीमद्भागवत पुराण और महाभारत के अनुसार, कृष्ण के जाने के कुछ समय बाद द्वारका का विनाश शुरू हो गया। वंश परंपरा के अनुसार, यदुवंश पर श्राप लगा था, जिसके कारण उसके अपने ही लोग आपस में लड़कर समाप्त हो गए।

इसी त्रासदी के बीच रुक्मणी का मन शोक से भर उठा। उन्होंने भगवान विष्णु के प्रति एक गहरा आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विष्णु ने इस जगत में अनेक अन्याय किए हैं — धर्म की अवहेलना, निर्दोषों का विनाश, और अपने प्रियजनों को पीड़ा देना। इसी कारण उनके अन्यायों के विरुद्ध बोलते हुए रुक्मणी ने प्रार्थना की कि अब उनके जीवन का उद्देश्य समाप्त हो चुका है।

कथा के अनुसार, उनकी बातों के बाद उनका शरीर जल गया, या फिर वे योगबल से प्राण त्याग दिए। इस तरह रुक्मणी ने कृष्ण के स्वर्गवास के बाद धीरे-धीरे इस संसार का

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