गर्भावस्था में पोछा लगाना: कब और कैसे है फायदेमंद?

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के मन में अपनी सेहत और दिनचर्या को लेकर कई तरह के सवाल होते हैं। इनमें से एक आम सवाल यह है कि गर्भावस्था के दौरान पोछा कब से लगाना चाहिए? विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के अलग-अलग चरणों में शारीरिक गतिविधियों का असर अलग-अलग होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और गायनेकोलॉजिस्ट का मानना है कि गर्भावस्था की पहली तिमाही (शुरुआती 3 महीने) में झाड़ू-पोछा लगाने या ज्यादा झुकने वाले भारी काम करने से बचना चाहिए। इस समय भ्रूण का विकास हो रहा होता है और शरीर को ज्यादा देखभाल व आराम की आवश्यकता होती है। शुरुआती महीनों में अत्यधिक दबाव पड़ने से जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।

इसके विपरीत, गर्भावस्था की आखिरी तिमाही (अंतिम 3 महीने) में हल्का झाड़ू-पोछा लगाना महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इस दौरान उकड़ूं (squatting) स्थिति में बैठकर पोछा लगाने से पेल्विक हिस्से की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। यह शारीरिक गतिविधि नॉर्मल डिलीवरी की संभावना को बढ़ाने और पेट व पीठ की मांसपेशियों को लचीला बनाने में मदद करती है।

हालांकि, हर महिला की गर्भावस्था की स्थिति अलग होती है। यदि आपको डॉक्टर ने बेड रेस्ट की सलाह दी है या कोई डॉक्टरी जटिलता (complication) है, तो ऐसे काम बिल्कुल न करें। किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि या व्यायाम शुरू करने से पहले अपनी डॉक्टर से सलाह जरूर लें और शरीर को जरूरत से ज्यादा न थकाएं।

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