बच्चे कैसे सीखते हैं?
बच्चे दुनिया को समझने के लिए एक छोटे खोजकर्ता की तरह काम करते हैं। वे जो भी देखते हैं, उसे छूना, घुमाना, तोड़ना या जोड़ना चाहते हैं। यही उनका सीखने का तरीका है। हाथों से छूकर, आँखों से देखकर और मन में सवाल उठाकर वे अपने आसपास के वातावरण को समझने लगते हैं।
मसलन, अगर एक छोटा बच्चा पानी में हाथ डालता है, तो वह न सिर्फ गीलापन महसूस करता है, बल्कि यह भी सीखता है कि पानी कैसे बहता है, कैसे छलकता है। ऐसी छोटी-छोटी गतिविधियाँ उनके दिमाग में नए विचार पैदा करती हैं।
बच्चे सिर्फ नकल भी करते हैं तो भी सीखते हैं। वयस्कों की बातें, उनके तरीके, उनकी आदतें — सब कुछ एक तरह से नकल करके वे अपने अंदर बसाते हैं। प्रश्न पूछना भी उनका एक तरीका है — “मम्मी, आसमान नीला क्यों है?” — ऐसे सवालों के जवाब में वे दुनिया को बेहतर समझने लगते हैं।
खेल-खेल में रंग भरना, गुड़ियों के साथ भूमिका निभाना, घर-घर का खेल खेल
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