बच्चे माने नहीं तो क्या करें?
कई बार ऐसा होता है कि बच्चे कुछ भी नहीं मानते, हर बात पर ज़िद करने लगते हैं। और हम माता-पिता उनसे बहस करने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं—बहस करना ही समस्या की जड़ बन जाता है?
जब बच्चे छोटे होते हैं, तो वे ध्यान आकर्षित करने के लिए कई बार ज़िद करते हैं। अगर हम हर बार उनके साथ बहस में पड़ जाएं, तो वह यह सीख जाते हैं कि अगर ज़ोर दिया जाए, तो माता-पिता मान जाएंगे। इस तरह वे बहस करने की आदत में पड़ जाते हैं।
माहिर मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि सबसे बड़ी गलती यही होती है—हम उनकी हर ज़िद पर तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं। इसकी जगह, शांत रहें। उनकी बात ध्यान से सुनें, भले ही वह गुस्से में हो। जब बच्चा महसूस करता है कि उसकी बात सुनी जा रही है, तो वह खुद शांत होने लगता है।
इससे एक अच्छा रिश्ता बनता है। बच्चा समझने लगता है कि उसकी बात मायने रखती है। और जब वह महसूस करता है कि आप उसकी बात समझते है
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