बांग्लादेश का विदेशी कर्ज: एक नज़र
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था बीते कुछ दशकों में तेज़ी से आगे बढ़ी है, लेकिन इस विकास के साथ-साथ देश पर विदेशी कर्ज का बोझ भी बढ़ा है। बुनियादी ढांचे के विकास और ऊर्जा क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बांग्लादेश ने कई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और देशों से मदद ली है। वर्ष 2021 के आंकड़ों के मुताबिक, बांग्लादेश पर कुल विदेशी कर्ज लगभग 62 अरब डॉलर तक पहुंच गया था।
वैश्विक स्तर पर चीन को प्रमुख ऋणदाता माना जाता है, और बांग्लादेश के मामले में भी ऐसा ही है। बांग्लादेश ने चीन से लगभग 4 अरब डॉलर का कर्ज लिया है, जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत करीब 31 हजार करोड़ रुपये बैठती है। यह आंकड़ा बांग्लादेश के कुल विदेशी कर्ज का लगभग 6% हिस्सा है।
हाल के वर्षों में वैश्विक महंगाई और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, चीन के अलावा बांग्लादेश ने एशियाई विकास बैंक (ADB) और विश्व बैंक जैसे संगठनों से भी बड़ा कर्ज लिया है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि कर्ज का सही प्रबंधन और सही समय पर पुनर्भुगतान ही देश को किसी भी बड़े आर्थिक संकट से सुरक्षित रख सकता है।
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