बिहार का सबसे बड़ा जिला: पश्चिमी चम्पारण
भारत का ऐतिहासिक राज्य बिहार अपनी सांस्कृतिक समृद्धि और कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है। इस राज्य में प्रशासनिक और भौगोलिक दृष्टि से कुल 38 जिले हैं। जब बात क्षेत्रफल की आती है, तो पश्चिमी चम्पारण बिहार का सबसे बड़ा जिला है।
भौगोलिक विस्तार के मामले में पश्चिमी चम्पारण का कुल क्षेत्रफल 5,226 वर्ग किलोमीटर है। यह जिला न केवल अपने विशाल आकार के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी इसका बहुत बड़ा महत्व है। महात्मा गांधी ने साल 1917 में अपने प्रसिद्ध सत्याग्रह की शुरुआत इसी पावन धरती से की थी। इसके अलावा, यहाँ का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक मुख्य आकर्षण है।
जनसंख्या के दृष्टिकोण से भी यह जिला काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। साल 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी चम्पारण की कुल आबादी 39,35,042 थी। नेपाल की सीमा से सटे होने के कारण सामरिक और व्यापारिक रूप से भी इस जिले की भूमिका बिहार में बेहद खास हो जाती है। घने जंगलों, नदियों और उपजाऊ मैदानों से घिरा यह जिला आज भी बिहार के विकास में अपना एक अहम योगदान दे रहा है।
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