भारत में जैविक खेती की नई दिशा: बिहार की ओर बढ़ते कदम
भारत में पर्यावरण-अनुकूल और स्वास्थ्यवर्धक कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए जैविक खेती पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2016 में सिक्किम ने देश का पहला पूर्ण जैविक राज्य बनने का गौरव हासिल किया था। इसी प्रेरणादायक मॉडल को अपनाते हुए अब बिहार भी देश का अगला प्रमुख जैविक कृषि राज्य बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए बिहार सरकार ने सिक्किम के साथ समझौता किया है। सिक्किम के सफल अनुभवों और तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ उठाकर बिहार अपने कृषि ढांचे में आवश्यक सुधार कर रहा है। पटना से शुरू की गई इस पहल के तहत राज्य में जैविक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जिसमें मुख्य रूप से गंगा नदी के तटवर्ती जिलों की भूमि को रसायन-मुक्त खेती के लिए चुना गया है।
जैविक खेती अपनाने से न केवल मृदा की सेहत और उसकी जल-धारण क्षमता में सुधार होता है, बल्कि आम लोगों को कीटनाशक-मुक्त एवं पौष्टिक भोजन भी मिलता है। किसानों को वर्मीकंपोस्ट (केंचुआ खाद) और प्राकृतिक उर्वरकों के प्रयोग के लिए लगातार प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह साझेदारी बिहार में एक टिकाऊ और समृद्ध कृषि क्रांति की नींव रख रही है।
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