भारत का पहला आईआईटी: IIT खड़गपुर का ऐतिहासिक सफर
भारत में तकनीकी शिक्षा और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) का नाम सबसे ऊपर आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश का सबसे पहला आईआईटी कौन सा था? भारत के पहले प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना वर्ष 1951 में पश्चिम बंगाल के खड़गपुर शहर में हुई थी, जिसे आज हम IIT Kharagpur के नाम से जानते हैं।
आजादी के तुरंत बाद भारत को देश के विकास के लिए कुशल इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की सख्त जरूरत थी। इसी विजन के साथ देश के नेताओं और विचारकों ने एक ऐसे संस्थान की नींव रखी, जो वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन कर सके। दिलचस्प बात यह है कि इस ऐतिहासिक संस्थान की शुरुआत हिजली डिटेंशन कैंप की इमारत में हुई थी, जिसका उपयोग ब्रिटिश काल में स्वतंत्रता सेनानियों को कैद करने के लिए किया जाता था। आजादी के बाद इस जगह को शिक्षा के महान केंद्र में बदल दिया गया।
शुरुआत में बहुत कम छात्रों और सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज देश के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े परिसरों में से एक बन चुका है। IIT खड़गपुर ने न केवल भारत को कई बेहतरीन इंजीनियर, शोधकर्ता और उद्यमी दिए हैं, बल्कि इसने देश के बाकी सभी आईआईटी संस्थानों के लिए एक प्रेरणा और मानक भी स्थापित किया है।
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