भारत से गेहूं का निर्यात
भारत दुनिया के प्रमुख कृषि उत्पादकों में से एक है। पिछले कुछ वर्षों में देश से गेहूं के निर्यात में महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। सरकारी प्रतिबंधों और वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं के बावजूद, 2022-23 के दौरान भारत ने लगभग 7 मिलियन टन गेहूं के निर्यात के अनुमान को पूरा करने की क्षमता दिखाई। इससे पहले, वित्त वर्ष 2021-22 में भी भारत ने रिकॉर्ड 7 मिलियन टन गेहूं का निर्यात किया था।
वैश्विक खाद्य सुरक्षा में भारत की यह भूमिका काफी अहम रही है। भारतीय गेहूं के प्रमुख खरीदारों में पड़ोसी देश सबसे आगे रहे हैं। कुल गेहूं निर्यात का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले बांग्लादेश को भेजा गया था। इसके अलावा मध्य पूर्व और अन्य एशियाई देशों में भी भारतीय गेहूं की मांग बनी रहती है।
हालांकि घरेलू स्तर पर कीमतों को नियंत्रित करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को समय-समय पर निर्यात नीतियों में बदलाव करना पड़ता है। 10 जून 2022 को लागू किए गए प्रतिबंध इसी रणनीति का हिस्सा थे, जिसका उद्देश्य देश के भीतर आपूर्ति को सुरक्षित रखना था। इसके बावजूद, ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की मजबूत पकड़ है।
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