चाय: भारत का राष्ट्रीय पेय

भारत की संस्कृति और दिनचर्या में चाय का विशेष स्थान है। अब इस प्याली गर्म चाय को जल्द ही औपचारिक मान्यता मिलने वाली है। योजना आयोग के तत्कालीन उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया ने घोषणा की है कि अगले साल 17 अप्रैल को चाय को भारत का राष्ट्रीय पेय घोषित किया जाएगा।

यह ऐतिहासिक घोषणा असम के जोरहाट में हुई, जहाँ असम टी प्लांटर्स एसोसिएशन की 75वीं वर्षगाँठ मनाई जा रही थी। अहलुवालिया ने कहा कि चाय न केवल हमारी दिनचर्या का हिस्सा है, बल्कि यह भारत की पहचान भी है। चाय की पैदावार में असम देश का अगुआ है, और यहाँ की मिट्टी का स्वाद दुनिया भर में मशहूर है।

चाय गाँव की चाय की दुकान से लेकर शहर के कॉर्पोरेट ऑफिस तक हर जगह बातचीत का केंद्र बनी रहती है। यह सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि संबंधों की भाषा है। इसके राष्ट्रीय पेय के रूप में मान्यता मिलने से न केवल चाय उद्योग को बल मिलेगा, बल्कि किसानों और चाय बागानों के

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