भारत की परतंत्रता का इतिहास

भारत का इतिहास जितना गौरवशाली है, उतना ही यह विदेशी आक्रमणों और गुलामी के दौर से भी गुजरा है। जब बात आती है कि भारत कुल कितने साल तक गुलाम रहा, तो इसका कोई एक सीधा जवाब नहीं है। इतिहासकार इस अवधि को मुख्य रूप से दो बड़े कालखंडों में देखते हैं।

अगर हम पूरी तरह से विदेशी शासन की बात करें, तो इसकी शुरुआत मुगल साम्राज्य और अन्य सल्तनत काल से मानी जा सकती है, जो लगभग 12वीं-13वीं शताब्दी से शुरू होकर करीब 500 से 600 सालों तक चला। हालांकि, इस दौरान कई भारतीय राजाओं ने अपनी स्वतंत्रता बनाए रखी और लगातार संघर्ष किया।

इसके बाद का दौर अंग्रेजी हुकूमत का था। ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1757 में प्लासी के युद्ध के बाद भारत में अपने पैर जमाने शुरू किए। धीरे-धीरे उन्होंने पूरे देश पर नियंत्रण कर लिया। सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद भारत सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन आ गया। अंग्रेजों ने भारत पर लगभग 200 सालों तक राज किया।

संक्षेप में कहें तो, अगर केवल अंग्रेजों की गुलामी को गिना जाए तो यह अवधि 200 वर्ष की थी, लेकिन यदि सभी विदेशी शासकों के दौर को जोड़ दिया जाए, तो भारत ने लगभग 800 वर्षों तक परतंत्रता का दंश झेला। सदियों के इस लंबे संघर्ष और अनगिनत बलिदानों के बाद आखिरकार 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिली।

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