प्रौद्योगिकी और नवाचार में भारत की मजबूत छलांग

विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा जारी ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) के अनुसार, भारत ने प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बढ़त हासिल की है। 132 देशों की वैश्विक सूची में भारत 40वें स्थान पर पहुंच गया है, जो कि वर्ष 2021 में 46वें स्थान पर था। महज एक साल के भीतर छह पायदानों का यह सुधार देश की तेजी से बढ़ती तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।

इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही भारत ने वियतनाम जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया की शीर्ष सबसे नवोन्मेषी (Innovative) निम्न-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। यह उपलब्धि भारत के मजबूत होते स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र, डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार और अनुसंधान व विकास (R&D) में बढ़ते निवेश का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

भारत की इस सफलता के पीछे डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और यूपीआई (UPI) जैसी क्रांतिकारी पहलों की अहम भूमिका रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारत न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि वैश्विक पटल पर भी एक प्रमुख टेक-हब के रूप में स्थापित हुआ है। सरकारी नीतियों के प्रोत्साहन और देश के युवा उद्यमियों की सोच ने भारत को तकनीक के क्षेत्र में एक नई दिशा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रैंकिंग सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि भारत वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने और भविष्य की तकनीकों को आकार देने में पूरी तरह सक्षम है। आगामी वर्षों में भारत का लक्ष्य इस सूची में और ऊपर जाना और दुनिया की अग्रणी तकनीकी महाशक्तियों में शामिल होना है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय