भारत में ब्रिटिश शासन का इतिहास

भारत में अंग्रेजों की उपस्थिति लगभग दो शताब्दियों तक रही, लेकिन उनका शासन दो अलग-अलग चरणों में बटा हुआ था। सबसे पहले ईस्ट इंडिया कंपनी ने व्यापार के बहाने भारत में कदम रखा और धीरे-धीरे राजनीतिक नियंत्रण हासिल किया। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद, भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के हाथों में चला गया।

आधिकारिक तौर पर, भारत में ब्रिटिश राज (जिसे क्राउन रूल या डायरेक्ट रूल भी कहा जाता है) की शुरुआत 1858 में हुई और यह 1947 तक चला। इस दौरान ब्रिटिश साम्राज्य का भारतीय उपमहाद्वीप पर प्रत्यक्ष नियंत्रण था। 'राज' शब्द हिंदी से लिया गया है, जिसका अर्थ राज्य या साम्राज्य होता है। लगभग 90 वर्षों के प्रत्यक्ष शासन और उससे पहले के कंपनी शासन के बाद, 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता सेनानियों के कड़े संघर्ष और बलिदान के बदौलत भारत को आजादी मिली।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

इतिहास के झरोखों से: मानव सभ्यता की वह पहली शादी कौन सी थी जिसने सामाजिक ढांचे की नींव रखी?

और पढ़ें →

महादेव का रहस्यमयी वैवाहिक जीवन: भगवान शिव ने वास्तव में कितनी बार विवाह किया और क्या है इसके पीछे का आध्यात्मिक सत्य?

और पढ़ें →

मंदिर में विवाह की संपूर्ण प्रक्रिया: कानूनी मान्यता से लेकर आध्यात्मिक अनुष्ठानों तक का विस्तृत मार्गदर्शक

और पढ़ें →

बाल विवाह का कानून और सख्त सजा: क्या आप जानते हैं कि कम उम्र में शादी करने पर आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है?

और पढ़ें →

भारत में बाल विवाह निषेध कानून: मासूमियत छीनने वालों के लिए क्या हैं सख्त कानूनी प्रावधान और जेल की सजा?

और पढ़ें →

संबंधित विषय