अमेरिकी खान-पान की बदलती शैली और फास्ट फूड का असर

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के खाने-पीने की आदतों में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका में लगभग दो-तिहाई लोग सप्ताह में कम से कम एक बार फास्ट फूड जरूर खाते हैं। व्यस्त जीवनशैली, समय की कमी और आसानी से भोजन की उपलब्धता के कारण जंक फूड अब दैनिक जीवन का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है।

आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकियों की दैनिक कैलोरी का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा स्नैक्स से आता है। इसके अलावा, उनकी कुल ऊर्जा या कैलोरी का एक-तिहाई हिस्सा घर के बाहर मिलने वाले भोजन से प्राप्त होता है। बर्गर, पिज्जा, चिप्स और कार्बोनेटेड पेय पदार्थ उनके नियमित आहार में प्रमुखता से शामिल हैं, जिससे घर के बने पारंपरिक भोजन की जगह प्रसंस्कृत (प्रोसेस्ड) खाना लेता जा रहा है।

खान-पान की यह संस्कृति अब सिर्फ अमेरिका तक ही सीमित नहीं है। वैश्वीकरण और बदलती जीवनशैली के कारण विश्व के कई अन्य देशों में भी इस तरह के भोजन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि यह भोजन समय की बचत करता है, लेकिन पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें फाइबर और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है, जिससे सेहत पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।

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